Thursday, April 16, 2009

यह कैसी विडम्बना है ?

" फूल बड़ा ही सुंदर होता है ये कोई कहने की बात नही है , फूलों से लोगों का लगाव बहुत होता है , शायद ही कोई इन्सान होगा जिसको फूलों से प्यार न हो , फूलों में गुलाब का फूल बहुत ही सुंदर होता है , कई रंगों में यह फूल प्रकृति में पाया जाता है , खिले रहने पर यह फूल लोगों का प्यार तो पाता ही है इसके अलांवा सबसे बड़ी बात यह है कि यह भगवान के चरणों में भी चढाया जाता है ,
लेकिन एक बहुत बड़ी बिडम्बना यह भी है कि वह भी बेचारा किसी और के द्वारा नहीं बल्कि अपनों के द्वारा ही प्रताड़ित किया जाता है , उसे जिसने अपने अंदर अपने शरीर पर अपने रूप में मिलाया , बड़ा किया ,उसी के द्वारा छेदा जाता है ,और वह इसे सहन करता रहता है , लेकिन उसके पास मज़बूरी होती है ,वह मजबूर है वो कुछ कर नही सकता बस इसी में खुस रहता है कि इस आस में रहता है कि कोई एक दिन आयेगा और इससे मुक्ति दिलाएगा ,लेकिन क्या वह वहां से अर्थात कांटो से अलग होने के बाद भी अपने साथियों से बिछुड़ने का और प्रताड़ना का दंस उसे एक साथ झेलना पड़ेगा या फ़िर क्या होगा लेकिन बात साफ़ है कि फूल तो अपाहिज है ,
आज ऐसा लगता है कि फूल के जैसे ही हमारे देश के लोग भी अपाहिज हो गये हैं ,

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